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AAP झारखंड ने अंधविश्वास से जुड़े अपराधों पर सख्त कानून की मांग उठाई

AAP झारखंड ने अंधविश्वास से जुड़े अपराधों पर सख्त कानून की मांग उठाई

AAP झारखंड ने अंधविश्वास से जुड़े अपराधों पर सख्त कानून की मांग उठाई

आम आदमी पार्टी (AAP) झारखंड इकाई ने अंधविश्वास, जादू-टोना, तंत्र-मंत्र और मानव बलि जैसी कुप्रथाओं से जुड़े अपराधों पर रोक लगाने के लिए एक कड़ा और विशेष कानून बनाने की मांग की है। इस संबंध में पार्टी ने झारखंड विधानसभा के माननीय विधायकों को एक ज्ञापन सौंपा है।

 

ज्ञापन में हाल ही में खरसावां जिले में हुई एक हृदयविदारक घटना का उल्लेख किया गया है, जहां अंधविश्वास के नाम पर एक मासूम बच्चे की हत्या कर दी गई। पार्टी ने कहा कि ऐसी घटनाएं न केवल समाज को शर्मसार करती हैं, बल्कि पूरे देश की अंतरात्मा को झकझोर देती हैं।

 

AAP ने कहा कि इस तरह के अपराध केवल कानून-व्यवस्था का मुद्दा नहीं, बल्कि गहरे सामाजिक अंधविश्वास, जागरूकता की कमी और भय के माहौल का परिणाम हैं। कई बार इन कुप्रथाओं के प्रभाव में आकर लोग अपने ही परिवार के सदस्यों को नुकसान पहुंचा देते हैं। इससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा उत्पन्न होता है।

 

पार्टी का कहना है कि वर्तमान में हत्या जैसे अपराधों के लिए दंड का प्रावधान तो है, लेकिन अंधविश्वास के नाम पर होने वाले अपराधों को रोकने के लिए स्पष्ट और प्रभावी निवारक कानून का अभाव है। झारखंड में लागू जादू-टोना निवारण अधिनियम, 2001 को भी वर्तमान परिस्थितियों में अपर्याप्त बताया गया है।

 

📌 AAP झारखंड की प्रमुख मांगें

झारखंड विधानसभा में “अंधविश्वास, तंत्र-मंत्र एवं मानव बलि निषेध अधिनियम” नाम से नया कानून लाया जाए।

अंधविश्वास के नाम पर होने वाली हत्याओं को “दुर्लभतम में दुर्लभ (Rarest of Rare)” श्रेणी में रखा जाए।

ऐसे अपराधों के लिए मृत्युदंड (जहां उपयुक्त हो) या बिना पैरोल आजीवन कारावास का प्रावधान किया जाए।

दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

मामलों की त्वरित जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया जाए और समयबद्ध न्याय सुनिश्चित हो।

स्कूलों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से राज्यव्यापी जागरूकता अभियान चलाया

ऐसी कुप्रथाओं को बढ़ावा देने वाले व्यक्तियों और समूहों पर कड़ी निगरानी और कार्रवाई हो।

संबंधित मामलों में प्रशासन और पुलिस की जवाबदेही तय की जाए।

🗣️ निष्कर्ष

 

AAP झारखंड ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल विधायी और प्रशासनिक कदम उठाए, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और समाज को अंधविश्वास जैसी कुप्रथाओं से मुक्त किया जा सके। पार्टी ने कहा कि एक सुरक्षित, जागरूक और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए यह कदम बेहद आवश्यक है।

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