कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करो, नहीं तो होगा आर्थिक नाकेबंदी
कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करो, नहीं तो होगा आर्थिक नाकेबंदी
कुड़माली भाषा को 8वीं अनुसूची में शामिल करो, नहीं तो होगा आर्थिक नाकेबंदी


*कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने का वादा अभिलंब पूरा करे केंद्र सरकार :-शीतल ओहदार*
आज दिनांक 24/06/ 2026 को पुराना विधानसभा सभागार धुर्वा रांची में बृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के बैनर तले कुड़मी समाज के विभिन्न मुद्दों को लेकर अति आवश्यक बैठक रखा गया जिसका अध्यक्षता समन्वय समिति के मुख्य संयोजक श्री शीतल ओहदार जी ने किया। बैठक को संबोधित करते हुए श्री ओहदार ने कहा कि कुड़मी समाज विगत 75 वर्षों से कुड़मी जनजाति को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने एवं कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने की मांग लगातार जारी है। जब जब केंद्र सरकार की आवश्यकता पड़ती है मांग पूरा करने का आश्वासन देता है और वोट लेता है किंतु बाद में मुकर जाता है। हाल ही में पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनाव में गृह मंत्री अमित शाह जी के द्वारा कुड़माली भाषा को पांच मई के बाद संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का वादा किये थे। इसी वादे के तहत संपूर्ण जंगल महल के कुड़मी भाजपा को 40 विधायक देकर ऐतिहासिक विजय दिलाया और कुड़मियों के बदौलत आज पश्चिम बंगाल में सरकार बना लिया । श्री ओहदार ने कहा कि केंद्र सरकार अपना वादा के मुताबिक कुड़माली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में अविलंब शामिल कर वादा पुरा करे। यदि केंद्र सरकार दो माह के अंतर्गत कुड़माली भाषा को आठवीं अनुसूची में शामिल करने के लिए कैबिनेट में प्रस्ताव नहीं लाती तो संपूर्ण झारखंड, बंगाल और उड़ीसा में आर्थिक नाकेबंदी किया जाएगा। श्री ओहदार ने जेएमएम ,कांग्रेस और भाजपा पार्टी से आह्वान किया कि कुड़मीयों की जनसंख्या प्रतिशत पुरा झारखंड प्रदेश में सभी जाति से अधिक है किंतु राज्यसभा में इस जाति का नेतृत्व करने वाला नगन्य है, इसीलिए इन तीनों पार्टियों से आग्रह होगा की समाज से एक-एक व्यक्ति को राज्यसभा सांसद बनाया जाए। बैठक को राजेंद्र महतो, सखीचंद महतो, सुषमा महतो,सपन कुमार महतो, थानेश्वर महतो, दानिसिंह महतो, रामचंद्र महतो,ललित मोहन महतो, शशिरंजन महतो, हरिशंकर महतो, अघनु राम महतो, रामपोदो महतो , हेमलाल महतो,सरस्वती महतो आदि ने संबोधित किया। बैठक में सर्व समिति से निर्णय लिया गया कि जातिगत जनगणना बहुत ही दबाव के बाद केंद्र सरकार कर रही है जिसमें अपनी जाति की संख्या और कुड़माली भाषा बोलने वालों की प्रतिशत संख्या हर किमत पर वास्तविक रहे ,इस बार चुक हो गई तो संख्या की प्रतिशत घट जाएगी और कई लाभ से पूरा समाज वंचित हो जाएगा। जाति में कुड़मी और भाषा में कुड़माली दर्ज करने में कोई चुक ना हो इसके लिए प्रत्येक प्रखंड में सेमिनार किया जाएगा , इस कार्य हेतु प्रखंड प्रभारी नियुक्त किया गया तथा प्रखंड वाइज तिथि की घोषणा की गई। सर्व समिति से यह भी निर्णय लिया गया कि आंदोलन को और तेज करते हुए लोकसभा की आगामी मानसून सत्र में बृहद झारखंड कुड़मी समन्वय समिति के बैनर तले दिल्ली के जंतर मंतर में जनजातीय कुड़मी संस्कृति, वाद्य यंत्र एवं पारंपरिक पोशाक के साथ धरना प्रदर्शन किया जाएगा। यह भी निर्णय लिया गया कि वर्तमान में जातीय जनगणना के ग्राम नजरीया नक्सा में जाहेर थान, ग्राम थान जैसे पांचों थान को चिन्हित कराया जाए। प्रत्येक कुड़मी गांव में आखड़ा (आखरा) को चिन्हित किया जाए जिससे कि टुसु करम जैसे परब और संस्कृति को संजोया जा सके, यह भी निर्णय लिया गया कि बंदना (सोहराई) परब में गोठईर टांड़ और बरद भिड़का (बरद खुंटा) टांड़ को भी संरक्षित किया जाए। श्री ओहदार जी संगठन का विस्तार करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी रामपोदो महतो जी को केंद्रीय प्रधान कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया एवं नरेश कुड़मी महतो को रांची जिला सचिव की जिम्मेदारी दी गई। बैठक में मुख्य रूप से ओमप्रकाश महतो,राजकुमार महतो, रघुनाथ महतो, सोनालाल महतो, डब्लू महतो, मंगलदेव महतो, जितेंद्र महतो, प्रदीप महतो, फुलको महतो, बेबी महतो, अमृता महतो, लालो देवी,बुद्धदेव महतो, श्रीपति महतो, विष्णु महतो, ललिता देवी,रूबी देवी, शारदा देवी, रीता कुमारी,सोनिया देवी, धनेश्वरी देवी, बबीता देवी, किरण देवी, शीला देवी, ललिता कुमारी महतो, सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।