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फार्मेसी रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली का प्रयास विफल: जेएलकेएम के केन्द्रीय सचिव संतोष महतो के हस्तक्षेप से बिना रिश्वत के हुआ काम

फार्मेसी रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली का प्रयास विफल: जेएलकेएम के केन्द्रीय सचिव संतोष महतो के हस्तक्षेप से बिना रिश्वत के हुआ काम

फार्मेसी रजिस्ट्रेशन के नाम पर वसूली का प्रयास विफल: जेएलकेएम के केन्द्रीय सचिव संतोष महतो के हस्तक्षेप से बिना रिश्वत के हुआ काम

राँची: राज्य में तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा प्राप्त कर रहे छात्रों से उनके हक के काम के बदले अवैध रूप से पैसों की मांग करने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। झारखण्ड फार्मेसी काउंसिल में रजिस्ट्रेशन कराने के नाम पर छात्रों से हजारों रुपये की ठगी का प्रयास किया गया, जिसे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केन्द्रीय सचिव और फायरब्रांड नेता संतोष महतो के सक्रिय हस्तक्षेप के बाद नाकाम कर दिया गया। मिली जानकारी के अनुसार मनीष कुमार और विक्रम राणा नामक दो छात्रों से फार्मेसी में उनके आवश्यक रजिस्ट्रेशन (निबंधन) के एवज में प्रशांत कुमार पांडे द्वारा 15,000 रुपये की मोटी रकम की मांग की गई थी। छात्रों को रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को लटकाने और परेशान करने का डर दिखाकर यह अवैध मांग की जा रही थी। अवैध रूप से मांगी गई इस राशि को देने के बजाय मनीष और विक्रम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने का फैसला किया। दोनों छात्रों ने तुरंत जेएलकेएम के केन्द्रीय सचिव संतोष महतो से संपर्क किया और उन्हें पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। छात्रों की समस्या सुनते ही फायरब्रांड नेता संतोष महतो ने इस भ्रष्ट आचरण और अवैध मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने काउंसिल के संबंधित लोगों और बिचौलियों को सख्त लहजे में चेतावनी दी कि झारखंड के युवाओं के भविष्य और उनके हक के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जेएलकेएम नेतृत्व के इस आक्रामक और निष्पक्ष रुख के आगे व्यवस्था को झुकना पड़ा। परिणामस्वरुप, दोनों छात्रों का रजिस्ट्रेशन बिना एक भी रुपया रिश्वत दिए, पूरी तरह से पारदर्शी और कानूनी तरीके से संपन्न करा दिया गया। इसे छात्र हितों की एक बड़ी और शानदार उपलब्धि माना जा रहा है।संतोष महतो ने खुले तौर पर कहा कि

झारखंड के युवाओं की मेहनत की कमाई पर डाका डालने वाले बिचौलियों को यह साफ चेतावनी है। शिक्षा और करियर से जुड़े अधिकारों के लिए किसी भी छात्र को एक रुपया भी रिश्वत देने की जरूरत नहीं है। अगर कोई हक मारने की कोशिश करेगा, तो जेएलकेएम उसे उसकी भाषा में जवाब देना जानती है। इस सफल मुहिम के बाद संगठन की ओर से स्पष्ट संदेश और चेतावनी जारी की गई है कि यदि फार्मेसी काउंसिल या किसी अन्य सरकारी विभाग द्वारा आपके वैध काम के लिए किसी भी प्रकार की अवैध राशि या रिश्वत की मांग की जाती है, तो डरें नहीं। ऐसी किसी भी परिस्थिति में छात्र तुरंत झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) की टीम और केन्द्रीय सचिव संतोष महतो से संपर्क करें। मनीष और विक्रम का बिना रिश्वत के काम होना यह साबित करता है कि अगर युवाओं को संतोष महतो जैसा मजबूत और बेबाक नेतृत्व मिले, तो भ्रष्टाचार पर लगाम लगाई जा सकती है। यह वाकया राज्य के अन्य छात्रों के लिए भी एक मिसाल है।

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