₹67 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक मुख्यमंत्री परिसर, सुरक्षा और सुशासन का होगा हाई-टेक संगम”
₹67 करोड़ की लागत से बनेगा अत्याधुनिक मुख्यमंत्री परिसर, सुरक्षा और सुशासन का होगा हाई-टेक संगम"

रांची: नए मुख्यमंत्री आवास में होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं, ₹67 करोड़ की लागत से होगा कायाकल्प
रांची: झारखंड की राजधानी रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास को अब एक हाई-टेक ‘इंटीग्रेटेड कैंपस’ के रूप में विकसित किया जा रहा है। 67 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनने वाले इस नए परिसर में सुरक्षा, प्रशासन और आधुनिक सुविधाओं का खास ख्याल रखा गया है।
मुख्य आकर्षण और सुविधाएं
हेलीपैड की सुविधा: मुख्यमंत्री की त्वरित आवाजाही के लिए परिसर के भीतर ही एक आधुनिक हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
डिजिटल कॉन्फ्रेंस हॉल: राज्य और केंद्र स्तर के अधिकारियों के साथ सुगम संवाद के लिए एक अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल बनेगा, जो वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और डिजिटल प्रस्तुति की सुविधाओं से लैस होगा।
विशाल परिसर: यह पूरा प्रोजेक्ट लगभग 22 एकड़ में फैला है। इसमें मुख्यमंत्री सचिवालय और पूर्व मंत्री सुदेश महतो के पुराने आवास को भी शामिल किया गया है।
अधिकारियों के लिए अलग ब्लॉक: प्रशासनिक कार्यों को गति देने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए अलग-अलग कार्यालय और आवासीय ब्लॉक बनाए जाएंगे
श्रेणी विवरण
बजट निर्माण कार्यों पर कुल ₹67 करोड़ खर्च होंगे।
टेंडर निविदा जमा करने की अंतिम तिथि 29 अप्रैल तय की गई है।
सुरक्षा बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली, CCTV निगरानी, एक्सेस कंट्रोल सिस्टम और आधुनिक स्कैनिंग उपकरण।
यातायात VVIP मूवमेंट के लिए अलग मार्ग ताकि सामान्य ट्रैफिक प्रभावित न हो।
पर्यावरण और अन्य सुविधाएं
यह नया परिसर न केवल आधुनिक होगा, बल्कि ‘ग्रीन बिल्डिंग’ के मानकों पर भी खरा उतरेगा:
इको-फ्रेंडली: सोलर पावर सिस्टम, रेन वाटर हार्वेस्टिंग और ऊर्जा की बचत करने वाली लाइटिंग का इस्तेमाल।
गेस्ट हाउस: वीवीआईपी मेहमानों के रुकने के लिए आधुनिक गेस्ट हाउस का निर्माण।
आपातकालीन सेवाएं: परिसर में ही मेडिकल रूम, फायर सेफ्टी सिस्टम और एक कंट्रोल रूम की सुविधा मौजूद रहेगी।
हरियाली: लैंडस्केपिंग, सुंदर उद्यान और वॉकिंग ट्रैक बनाए जाएंगे ताकि परिसर का वातावरण स्वच्छ बना रहे।
महत्वपूर्ण जानकारी: इस पुनर्निर्माण कार्य की नींव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन द्वारा रखी जा चुकी है। इसका उद्देश्य राज्य प्रशासन को एक सुरक्षित और आधुनिक कार्यस्थल उपलब्ध कराना है।