गैस के लिए जंग” — बुंडू में हाहाकार, कतार में खड़े-खड़े टूट रहे लोग, ऊपर से अवैध वसूली का खेल
बुंडू में रसोई गैस के लिए हाहाकार: घंटों कतार में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौट रहे उपभोक्ता, निर्धारित दर से अधिक वसूली का आरोप
रांची (बुंडू): बुंडू क्षेत्र में पिछले कई दिनों से घरेलू एलपीजी (LPG) गैस की भारी किल्लत ने आम जनता का जीना मुहाल कर दिया है। आपूर्ति में कमी और गैस एजेंसियों द्वारा की जा रही कथित अवैध वसूली के विरोध में स्थानीय निवासी राजकिशोर कुशवाहा ने मुख्यमंत्री, उपायुक्त (रांची) और अनुमंडल पदाधिकारी (बुंडू) को ईमेल के माध्यम से आवेदन भेजकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
मुख्य समस्याएं और शिकायतें:
लंबी कतारें और किल्लत: उपभोक्ताओं को एक सिलेंडर के लिए 3 से 4 दिनों तक लाइन में लगना पड़ रहा है, फिर भी स्टॉक खत्म होने की बात कहकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है।
होम डिलीवरी बंद: गैस एजेंसियों ने होम डिलीवरी की व्यवस्था लगभग बंद कर दी है, जिससे बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को भारी असुविधा हो रही है।
अवैध वसूली का खेल: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि गैस एजेंसी निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूल रही है। ऑनलाइन ₹953 के बजाय नकद भुगतान पर ₹970 लिए जा रहे हैं। प्रति सिलेंडर ₹17 की यह अतिरिक्त वसूली सीधे तौर पर उपभोक्ताओं का आर्थिक शोषण है।
पारदर्शिता का अभाव: एजेंसी के पास कितना स्टॉक उपलब्ध है, इसकी जानकारी देने वाला कोई बोर्ड नहीं लगाया गया है।
”जब हमने एजेंसी कर्मियों से बात की, तो उन्होंने रांची मुख्य डिपो से ही सप्लाई कम होने का बहाना बनाया। लेकिन सवाल यह है कि अगर सप्लाई कम है, तो उपभोक्ताओं से अधिक पैसे क्यों लिए जा रहे हैं?”
— राजकिशोर कुशवाहा, शिकायतकर्ता
प्रशासन से मांग:
बुंडू क्षेत्र के लिए गैस का विशेष कोटा बढ़ाया जाए।
निर्धारित दर से अधिक पैसे वसूलने वाली एजेंसियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
होम डिलीवरी सेवा को अनिवार्य रूप से पुनः बहाल किया जाए।
स्टॉक और वितरण की दैनिक जानकारी सार्वजनिक बोर्ड पर अंकित की जाए।
स्थानीय निवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही आपूर्ति सुचारू नहीं हुई और अवैध वसूली नहीं रुकी, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।


